Gujarati Quote in Microfiction by Himmat Thakor

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एक महिला की आदत थी कि वह हर रोज सोने सेपहले अपनी दिन भर की खुशियों को एक काग़ज़पर लिख लिया करती थीं।

एक रात उन्हों ने लिखा...

मैं खुश हूं कि मेरे पति पूरी रात ज़ोरदार खर्राटे लेतेहै क्योंकि वह ज़िंदा है और मेरे पास है मेरे साथहैं.. ना...

ये भगवान का शुक्र है

मैं खुश हूं कि मेरा बेटा सुबह सवेरे इस बात परझगड़ा करता है कि रात भर मच्छर-खटमल सोनेनहीं देते यानी वह रात घर पर गुजारता हैआवारागर्दी नहीं करता...

इस पर भी भगवान का शुक्र है

 

मैं खुश हूं कि हर महीना बिजली,गैस, पेट्रोल, पानीवगैरह का अच्छा खासा टैक्स देना पड़ता है ,यानीये सब चीजें मेरे पास , मेरे इस्तेमाल में हैं ना... अगर यह ना होती तो ज़िन्दगी कितनी मुश्किलहोती...?

इस पर भी भगवान का शुक्र है

 

मैं खुश हूं कि दिन ख़त्म होने तक मेरा थकान सेबुरा हाल हो जाता है 

यानी मेरे अंदर दिनभर सख़्त काम करने कीताक़त और हिम्मत सिर्फ भगवान ही के आशीर्वादसे है

मैं खुश हूं कि हर रोज अपने घर का झाड़ू पोछाकरना पड़ता है और दरवाज़े -खिड़कियों को साफकरना पड़ता है शुक्र है मेरे पास घर तो है ना... जिनके पास छत नहीं उनका क्या हाल होताहोगा...?

इस पर भी भगवान का शुक्र है

 

मैं खुश हूं कि कभी कभार थोड़ी बीमार हो जाती हूँयानी कि मैं ज़्यादा तर सेहतमंद ही रहती हूं 

इस पर भी भगवान का शुक्र है

 

मैं खुश हूं कि हर साल दिवाली पर उपहार देने मेंपर्स ख़ाली हो जाता है यानी मेरे पास चाहने वालेमेरे अज़ीज़ रिश्तेदार ,दोस्त ,अहबाब हैं जिन्हेंउपहार दे सकूं...

अगर ये ना हों तो ज़िन्दगी कितनी बे रौनक हो...?

इस पर भी भगवान का शुक्र है

 

मैं खुश हूं कि हर रोज अलार्म की आवाज़ पर उठजाती हूँ यानी मुझे हर रोज़ एक नई सुबह देखनानसीब होती है...

ज़ाहिर है ये भी भगवान का ही करम है...

 

जीने के इस फॉर्मूले पर अमल करते हुए अपनी भीऔर अपने से जुड़े सभी लोगों की ज़िंदगीसंतोषपूर्ण बनानी चाहिए 

छोटी-छोटी परेशानियों में खुशियों की तलाश.."

खुश रहने का अजीब अंदाज़...हर हाल में...खुश रहिए.....

Gujarati Microfiction by Himmat Thakor : 111043844
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