प्यारी माँ
प्रणाम
कैसी है
चल छोड़ माँ तू अच्छी ही होगी क्योंकि भगवान को हमेशा अच्छा ही सुना है
तेरे एहसानों का कर्ज तो जन्मों में भी नही उतार पाऊँगा पर तेरी शान में अल्फ़ाज़ लिखना चाहता हूं
हर रिश्ते में मिलावट देखी
कच्चे रंगों की सजावट देखी
पर तुझे सालो साल देखा
चेहरे पर तेरे
ना थकावट देखी
ना ममता में मिलावट देखी
रूह की गहराइयों से महसूस किया
चिल्लाता था जब चोट लग जाती थी "माँ"
खुशियों में भले ही भूल जाऊँ
मुसीबत आ जाए तो याद तू आती थी माँ
#LoveYouMummy
तेरा राज #Kumar बेटा