Hindi Quote in Blog by Kanchan Lalwani

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

#Love you maa#

                           (तूने जाना मेरे मन को)


प्यारी माँ,

यह प्रकाश की गति से भी तेज, बहुत तेज चलता है | या ये कहूं कि दौड़ता है | इसकी चंचलता का क्या बखान करूं, यह पल में तो मेरे साथ होता है और कहीं पलक झपकते ही, यह हजारों कोसों दूर किसी समुंद्र में गोते लगाती मछलियों के साथ तैरता नजर आता है | तुम कई बार इसे समझा कर वापस ले आती हो माँ | फिर भी यह तुम्हें दोबारा धोखा देकर निकल जाता है, फिर कहीं किसी दूसरी दुनिया में सैर करने के लिए | कभी यह आकाश में उड़ते परिंदे के साथ, हवा के साथ अठखेलियां करता है, तो कभी हिमालय सी ऊंची पर्वत की चोटी पर खड़े होकर तुझे जीभ चिढ़ाता नजर आता है, कभी नेता के साथ खुद को किसी मंच पर भाषण देता हुआ गर्व महसूस करता है, तो कभी किसी फिल्मी कलाकार के साथ तस्वीरें लेने के लिए उत्साहित होता नजर आता है | तूने जाना है मुझे, पहचाना है मेरे मन को | तू जानती है मां कि आज फिर चल पड़ी हूं रोज की तरह अपने सुनहरे सफर की तलाश में ,इसी चाह में कि आज शायद मुझे किसी घर में ,किसी चूल्हे पर पकी मक्के की रोटी की सोंधी सी खुशबू आ जाए | पर यह क्या था? आज तो यह दौड़ता हुआ सा मन अचानक इतना विचलित कैसे हो गया, क्यों दौड़ता-दौड़ता यह अचानक थम सा गया | मैंने तो इसे वापस अपनी दुनिया में आने को टोका भी  न था | न ही मैंने इसे इसकी गति को विराम लगाने का कोई आदेश दिया था | फिर क्या हुआ ? अचानक इतना मायूस क्यों नजर आने लगा ?
ओह ! तो आज इसने जीवन की सच्चाई देख ली | इसे यह एहसास हो चुका है कि यह नादान मन जिस घर में जाकर रुका है , वह मेरे ही घर की तरह बना है | एक मिट्टी का चूल्हा है, एक मां है और एक बेटी भी है | यहां सब कुछ अपना सा है पर बस एक अंतर है | उस मिट्टी के चूल्हे पर सिकती हुई मक्के की रोटी और उसकी सोंधी सोंधी खुशबू तेरे हाथों की नहीं |
miss you maa
with love
                                                     

            ~कंचन लालवानी,इन्दौर

Hindi Blog by Kanchan Lalwani : 111042988
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now