रोटी पर "घी" और
नाम के साथ "जी"
लगाने से,
"स्वाद" और "इज्जत"
दोनों बढ़ जाते हैं |
किसी को "स्नेह" देना
सबसे बड़ा "उपहार" है,
और
किसी का "स्नेह" पाना
सबसे बड़ा "सम्मान" हैं |
"तारीफ़" करने वाले बेशक "आपको" पहचानते होंगे,
मगर "फ़िक्र" करने वालो
को "आपको" ही पहचानना होगा |