#LoveYouMummy
माँ!
आसमाँ तक मेरा खत नहीं पहुँचेगा पर तुम एहसासों को जरूर महसूस करोगी इसीलिए लिख रही हूँ।
दूर जाने के बावजूद हर मुश्किल घड़ी में मेरे साथ तुम हो। मैं तुम्हारी परछाई हूँ, सुनकर अपने पर गर्व होता है। परिवार की खुशी में खुश होना और उनके दुखों में ढाल बनकर रक्षा करना, तुमसे सीखा।
माँ ! तुम्हारी कोई तस्वीर घर में नहीं है, पता है क्यों? मेरे अंदर प्यार, आँसू, खुशी, लगन, धैर्य, तपस्या और संस्कारों के रूप में तुम जो रहती हो। काश मुझे तुम्हारी वो हिम्मत भी मिल जाती जिसने तुम्हारी ओर बढ़ी मौत को भी मुस्कुराकर हराया था।
तुम्हारी गुड़िया
( नीलिमा कुमार )