एक तरफा नहीं था मेरा प्यार,
जो दुनिया बार बार ताने मारती है,
प्यार में धोखा जायज है,
नहीं किया ना उसने परवाह।
अगर दर्द मुझे है,
क्या उन्हें भी नहीं है मलाल?
अगर मैंने कुछ खोया है,
तो क्या उन्हें नहीं होना पड़ा हलाल?
उसने भी उतने ही सपने देखे थे,
जितना मै,
एक तरफा नहीं था मेरा प्यार।
© Krishna Katyayan 2018