एक सोच क्या कर सकती है, एक सोच,
राजा को वनवासी बना सकती है एक सोच,
गौतम को बुद्ध बना सकती है एक सोच,
अपनो से मिला सकती है एक सोच,
अपनो से जुदा कर सकती है एक सोच,
खुद को बिखेर सकती है एक सोच,
समेटने का मौका खो देती है एक सोच,
वजूद तार तार कर देती है एक सोच,
सँभलने नही देती ये एक सोच,
बार बार क्यों दस्तख दे जाती है ये एक सोच।।।