१. किताबों में इतना खजाना छुपा हैं, जितना कोई लुटेरा कभी लूट नहीं सकता।
२. पुस्तक एक बग़ीचा है जिसे जेब में रखा जा सकता है।
३. किताब पढना हमें अकेले में विचार करने की आदत और सच्ची ख़ुशी देता हैं।
४. किताबे वह साधन हैं जिनके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल का निर्माण कर सकते हैं।
५. किसी मुर्ख इन्सान के लिए किताबे उतनी ही उपयोगी है जितना की एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना।
६. पुस्तक प्रेमी सबसे धनवान व सुखी होता है।
७. एक किताब जितना वफादार कोई दोस्त नहीं है।
८. आज के लिए और सदा के लिए सबसे बड़ा मित्र है अच्छी पुस्तक।
९. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं।
१०. जो व्यक्ति पढता नहीं है वो ना पढ़ पाने वाले व्यक्ति की अपेक्षा कोई लाभ नहीं है।
११. बिना शब्दों की किताब बिना चुम्बन के प्रेम के सामान है; वो खाली है।
१२. बोलने से पहले सोचो. सोचने से पहले पढ़ो।
१३. किताबों के बगैर घर खिड़कियों के बिना कमरे के सामान है।
१४. के संबंध में, पुस्तकों पर भरोसा न करें। छपाई की एक गलती जानलेवा भी हो सकती है।
१५. सही किताब वह नहीं है जिसे हम पढ़ते हैं – सही किताब वह है जो हमें पढ़ता है।
१६. विचारों के युद्ध में ही पुस्तकें अस्त्र हैं।
१७. नई पुस्तकों के बारे में सबसे बुरी बात यह है कि वे हमें पुरानी पुस्तकें पढने से दूर रखती हैं।
१८. अगर कोई एक पुस्तक को बार – बार पढने का मज़ा ना उठा पाए तो उसे पढने का कोई फायदा नहीं है।
१९. किताब एक ऐसा उपहार है जिसे आप बार-बार खोल सकते हैं।
२०. अच्छी किताबें और सच्चे दोस्त तुरंत समझ में नहीं आते।
२१. एक अच्छी किताब पढने का पता तब चलता हैं, जब आखिरी पन्ना पलटते हुए आपको लगे की आपने एक दोस्त को खो दिया।
स्वामी राजगोर