ये आज कल के बच्चे
पूरी रात जागे और आधा दिन सोयें अपने में ही मस्त और खुद ही में खोयें
लड्डु पेडे देखें तो मुँह बिचकायें पीत्ज़ा बर्गर पास्ता दो, तो खुशी खुशी खायें
बडे भाई बहन के कपडें हाथ भी ना लगायें ब्रांडॆड कपड़ों बिना पल भी ना चलायें
मोम-डॆड को बर्थडे विश करना ही भूल जायें दोस्तों की बर्थडे केक रात बारह बजे ही खायें
मैदान में जा के खेलना किसे सुहायें टीवी, नेट और मोबाइल में ही दुनिया बसायें
बस मौज मस्ती मूवीज़ और पार्टीज़ ही भाये कल की न कोई टेंशन मस्त लाइफ जीये जायें
पर सच पूछें तो यही बच्चे
बचपन से ही भारी दफ्तर का बोज़ उठायें बिना फरियाद स्कूल हंसते-खेलते जायें
स्कूल से ही सीधा ट्य़ूशन में जायें स्विमिंग, स्केटिंग, डांसिंग भी साथ साथ सीख जायें
मोबाइल टीवी के ज़माने में भी अच्छे मार्क्स लायें फोकस दिमाग से सही करीयर पायें
दोस्तों को मदद करने में जरा भी ना देर लगायें बिना स्वार्थ के सब का साथ निभायें
किसी से ना डरें, बोस को भी धमकायें अच्छी भली नौकरी छोडने में जरा भी ना घबरायें
आगे जा के, यही बच्चे देश को आगे बढायें बडों कि है यही आशिष यही शुभकामनाएं