#Kavyotsav
विषय- भावना
हम भी देखते है आपको चोरी चोरी.....
बदले मे आप भी देखो ये इल्तजा़ तो नही.....
गर कभी पकडी जाये चोरी हमारी...
तो बस उन नज़रो के ईशारे सुन लेना.....
दिल की बात दिल तक अभी पहुँची नही...
दिल हमारे अभी मिले भी नही....
आरजु है आपसे, जब धडकने तेज होगी हमारी....
तो बस उन धडकनो के ईशारे सुन लेना.....
चाँद और रजनीगंधा का खिलना बाकी है अभी...
चाँदनी रात और तारो की बारात बाकी है अभी....
रजनीगंधा की महक से कोई आहट महसुस हो कभी....
तो बस उस महक के ईशारे सुन लेना.....
हाथ थाम कर हम ना रोकेंगे कभी...
आपको अपनी कसम देकर बंदी ना बनायेंगे कभी....
गलतफैमी मे ही क्यु ना हो, हमारे प्यार की तौहीन करना चाहो....
तो बस एक बार हमारे प्यार के ईशारे सुन लेना....
बेशक हमारे प्यार के ईशारे सुन लेना......