रब जानदा की अगगे की होवेगा.....
तु रुठ गवा...
मे तुसी मना के वेख लेया..
तारे पीछे बहुत रो दी....
हसा के वेख लेया,
रब जानदा की अगगे की होवेगा
खेल प्यार दा मे बहुत खेल लेया....
मे घुरुर मीटा के देख ली की तुसी अगे आसी..
रब जानदा की अगगे की होवेगा......
मारा दिल भी मारी न सुनना है...
मेरा भी देखसी मेरे बाजो कीने दीन
कीथे हो जाना है.. मारे साथ....
रब जानदा की अगगे की होवेगा.........
जो नाल प्यार होवेगा वो अगगे आवेगा.....
मे भी देखु कीने दीन रबब को भी तेरा साथ देना है
की मे भी देखु कीने दीन रब मारे इंतकाम लेना सी....
रब जानदा की अगगे की होवेगा......
writen by - shaimee Prajapati
I write panjabi poetry at first time sorry koi mistake nikle iske lie