#kavyotsav poem compition रिश्ते
माँ-पिता
माँ ममतामय मूरत तो पिता पंच परमेश्वर
माँ मंगल मनोरम तो पिता पतित पावन
माँ मीठा महाअमृत तो पिता पवित्र पंचामृत
माँ मीठी मनुहार तो पिता पंच पकवान
माँ मधुर मुस्कराहट तो पिता परम प्रतिष्ठा
माँ मोहक मकरंद तो पिता प्रगल्भ पराग
माँ मंशा माधुर्य तो पिता प्रीत परामर्श
माँ मौलिक मुराद तो पिता पारस प्यार
माँ मनोहर मार्ग तो पिता प्रफुल्ल प्रवास
माँ महफुज मकान तो पिता प्रखर प्रपंच
माँ ममताभरी मुस्कान तो पिता प्यारभरा प्रवाह
माँ मोक्ष मिलाप तो पिता प्रत्यंचा पुरस्कार
माँ मेरी पालनहार तो पिता पूर्ण परिवार
माँ मेरी मार्गदर्शक तो पिता पथ प्रदर्शक
माँ मनका मतितार्थ तो पिता पौरुषका पुरुषार्थ
माँ मानवोंमे माननीय तो पिता परिवारमे पुजनीय
माँ मारे मंद-मंद तो पिता पूछे प्रति-प्रश्न
माँ मेरा मंत्र तो पिता प्यारा पत्र
माँ माँगे मन्नत तो पिता पूजे प्रार्थना
माँ-पिता मेरा सर्वस्व, इनके बिना मेरा क्या अस्तित्व
संसार के सभी माँ - पिता के चरणों में मेरी ये कविता समर्पित????