#Kavyotsav
कौन थी वो आखिर ,
एक हवा का झोका ,
जिसने मुझे झकझोर दिया ,
दिल के सारे तारो को तोड़ दिया,
अंदर एक तुफान सा माचा है ,
अंगारो को जैसे छेड़ दिया,
य़ा मेरी ही लिखी काहानी की एक किरदार,
ज़िसे मैने ही बनाया और फिर तोड़ दिया ,
अब समझता हूँ उस दर्द को ,
प्यार ने है मुझको कितना मजबूर किया|
आज फिर पुराना दर्द उठा है दिल मे ,
पूछता है,आखिर ऐसा क्यो किया,
जाना था चुपके से चले जाते,
दिल पे इतना बड़ा चिन्ह क्यो किया|
आज फिर उनकी याद आयी|