#kavyotsav #rishta #maa
माँ
आज दिल ने फिर वो दिन याद किया
जब हाथ थामे
मेरी माँ ने मुझे चलना सिखाया था
आज दिल ने फिर वो दिन याद किया
जब सपने संग निंदिया को
माँ ने अपने आँचल में सावरा था
आज दिल ने फिर वो दिन याद किया
जब अंधेरोन में रोशनी बनके
माँ ने मुझमें हिम्मत दिया था
आज भी वो दिन याद है
अपनी दर्द को भूलकर
माँ ने मुझे हसना सिखाया था
और
आज दिल उन यादों को फिर जीना चाहता है
उन सपनों की आँचल में खोना चाहता है
फिर से उन्न हाथों को थामकर चलते हुए,
माँ , तेरी हर मुस्कान की खुशी बनना चाहा है
Gayatri Rao