प्यार न होगा कम......
हमारी शायरी, इशारे तुम्हारे....?
तुमहारे बीना अब तो ना जीना नामुमकिन.....
तुमे युही चाहेगे जब तक चल रही हे सासे......
तुमे खुद से भी ज्यादा प्यार करते है ओ हमसफ़र....... जीतनी कसम चाहो वो लेलो रब की कसम ए प्यार न होगा कम......
आसमामे जीतने तारे हे हमको भी तुमसे हे प्यार ईतना.अब न होगा पागलपन न होगा कम, तुमे खुद से भी ज्यादा प्यार करते है ओ हमसफ़र....... जीतनी कसम चाहो वो लेलो रब की कसम ए प्यार न होगा कम........
हमारी कविता है चहेरा तुम्हारा आसान न नहीं है कि तुमे भुलाना तुम खुद से भी ज्यादा प्यार करते है ओ हमसफ़र, जीतना हमको इगनाेर करोगे हम इतना ज्यादा प्यार करेंगे हम कसम चाहो लेलो रब की कसम ए प्यार न होगा कम.......
नदीयां की पवित्रता है जितनी हमको भी तुमसे मुहब्बत ?है इतनी ,कीये बेकरारी न होगी कम तुमे खुद से भी ज्यादा प्यार करते है ओ हमसफ़र जीतनी कसम चाहो वो लेलो रब की कसम ए प्यार न होगा कम........
.............shaimee Prajapati gujrat
ae nada dil kese smje tumhare ishare ?