#kavyotstav
क्यों ना फिर से बच्चा बन जाऊं
आज फिर से एक खवाईश ने
अंगड़ाई ली हैं...
आज फिर से एक तमन्ना जगी हैं...
क्यों ना फिर से बच्चा बन जाऊं!!!
सब कुछ भूलकर,
फिर एक बार
अपने दोस्तो के साथ बेपरवाह घूमु...
धुंधले हुए सपनों को छोड़,
आंखो में फिर से वही चमक
और नया जानने की खवाईश रखूं...
नए पुराने ज़ख्मों को मिटाकर,
फिर से वही अल्लहड़ खेल खेलु...
सारी गलतफहमी
और शिकायत को दिल से निकालकर,
फिर से वही नादानियत
और मासूमियत से रिश्ता जोडू...
सारे गम को कहीं दूर भगाकर,
वैसे ही ज़ोर ज़ोर से हस लू...
क्यों ना फिर से बच्चा बन जाऊ...!!!