५ - हायकू रचना -
-अरुण वि.देशपांडे -पुणे.
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१. हायकू
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पाऊस धारा
धरणीवर येता
मंगल होते
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२.
हायकू
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फुलां संगती
बागेत सुंदर ती
फुलपाखरे
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3.
हायकू
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पाऊलवाट
नेऊनी सोडे पुढे
मोठ्या वाटेला
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4.
हायकू
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ताबा सुटता
नियंत्रण सुटते
संकट येते
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5.
हायकू.
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बाळ छोटासा
बोल बोबडे बोले
खुशी आईला
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काही हायकू रचना -
-अरुण वि.देशपांडे- पुणे
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