'मैं और मेरा दिल;
बैठकर आपस में बातें कर रहे हैं।
तुम्हारे बारे में,
तुम्हारी जालिम अदाओं के बारे में,
तुम्हारी मीठी सी मुस्कान के बारे में,
तुम्हारी नरम रेशमी जुल्फों के बारे में।'
'मैं और मेरा दिल;
बैठकर याद कर रहे हैं।
तुम्हारे मुलायम हाँथों के सुनहरे कंगनों को,
तुम्हारी मदहोश कर देने वाली भीनी खुशबू को,
तुम्हारी गुलाबी होठों के पास वाले गहरे काले तिल को,
तुम्हारे कमरे की खिड़की के पास लगी तुम्हारी बचपन की तस्वीर को।'
'मुझे नहीं पता;
तुम्हें भी मोहब्बत है या नहीं?
मेरी किसी नादान हरकत से।
क्या तुम्हें भी महसूस होती है?
इन पत्तियों की सरसराहट में मेरे दिल की दर्द भरी आह।
क्या तुम्हें भी याद आती है?
वो हर बात, जो मैंने तुम्हारे कान में धीरे से कही थी।'
'मैं और मेरा दिल;
बैठकर आपस में बातें कर रहे हैं।
तुम्हारे बारे में,
तुम्हारे अजीब-अजीब इशारों के बारे में,
तुम्हारे चलने के अंदाज के बारे में,
तुम्हारे घबराहट भरे दिल की तेज धड़कनों के बारे में।'
'मैं और मेरा दिल;
बैठकर आपस में बातें कर रहे हैं।'