( जाने ग़ज़ल)
उसकी बातों को हमने ग़ज़ल कह दिया ,
होंठ उसके हिलें तो कमल कह दिया ।
उसका हुस्न-ए- बदन एक मैखाना है ,
अपने नादान दिल को सम्भल कह दिया ।।
उसकी बातों .…………………………
होंठ उसके………………………….…
लग न जाए कहीं लत मुझे प्यार की ,
न जुदाई सताने लगे यार की ।
इसलिए खुद को अब तक संभाला बहुत ,
जाने कैसे उसे आके मिल कह दिया ।।
उसकी बातों .…………………………
होंठ उसके………………………….…
-Panna