अपनो की बसति में परयापन देख. परयो की बसति में आई हू. पुछो ना मुझसे कोन हु मैं. अपना समझ के साथ रखलो कान्हा. अभी तो खुद से ही अनजान हु मैं. तुम्हें क्या बताऊ कोन हु मैं. रास्ता है एक हमारा साथ चलते. समय रहते जानो गे कोन हु मैं, ओर मझें भी कहना कोन हु मैं कान्हा.....'कृष्णसखी '