डर लगता है यह सोच कर की कहीं मानवता खत्म न हो जाए.. पटाखौं की शोर मे कहीं हम खुद को ही न भुल जाए, क्यों न हम पटाखौं को भुला कर,मानवता को अपनाए, दीपावली जैसे पर्व मे मदद एक हाथ बढ़ाए, शादीयों मे देर रात पटाखे जला कर दुसरों को तकलिफ क्यों देना यारों, खुशियां मनाने के लिए पटाखे जलाना जरुरी तो नहीं यारों।

Hindi Quotes by Anushruti priya : 1001
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