तेरे नाम,
तेरे दिल के कोने में,
जहाँ मेरी यादें रहती हैं।
मेरे चाँद,
सावन में यूं फिर
एक उम्मीद पाली है मैंने
तेरे पते पर फिर
एक चिट्ठी डाली है मैंने....
कागज़ भीग जाए तो कोई बात नहीं,
स्याही मिट जाए तो कोई गम नहीं।
बस डाकिया ये बता दे एक बार...
कि मेरे लफ्ज़ों को तूने पढ़ा कि नहीं।
बारिश की हर बूंद में तेरा नाम है,
और हर बूंद के साथ एक दुआ तेरे नाम।
जल्दी जवाब भेजना,
इंतज़ार में भीगा जा रही हूँ मैं।