The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
🌸किसका है🌸 खोए हो ख़्वाब में, ये इंतज़ार किसका है, आँखों में ये नशा और ये ख़ुमार किसका है। लबों पे है शराब, निगाहों में है नशा, बताओ तो सही, ये इकरार किसका है। अल्हड़पन तेरी अंगड़ाई में कुछ कह रहा है, खिलता हुआ ये रूप, ये बहार किसका है। ज़ुल्फ़ों की घटा छाई है तेरे चेहरे पर, इस चाँद पर ठहरा ये निखार किसका है। तेरी हर अदा में मोहब्बत झलकती है, दिल में छुपा हुआ ये प्यार किसका है। हम तो समझे थे कि तुम यूँ ही मुस्कुराए हो, फिर आँखों में ये मीठा ख़ुमार किसका है। सागर, तेरी बातों में राज़ गहरा है कोई, तू बता दे आखिर ये इंतज़ार किसका है। ✍️बेनी सागर
🌸मोहब्बत की रुस्वाई🌸 तूने ही तो ये दुनिया बसाई है, फिर क्यों आँखों में दर्द उतर आई है। चुना था मोहब्बत का रास्ता तुमने, फिर सफ़र में क्यों ये रुसवाई है। तेरे क़दमों में सजदा करता था हमदम तेरा, अब ये शिकवा क्यों कि तू हरजाई है। जिसे अपना समझकर उम्र गुज़ारी, उसी ने आज दूरी क्यों बनाई है। तेरी यादों से रोशन था मेरा घर, अब हर तरफ़ क्यों तन्हाई है। हमने तो वफ़ा को इबादत समझा, फिर हिस्से में क्यों सिर्फ़ जुदाई है। ✍️बेनी सागर
🌸रात गुजार लूँ🌸 तेरी ज़ुल्फ़ों तले रात गुज़ार लूँ, जिस्मों की हरारत सँभाल लूँ। मुद्दतों बाद मिले हो, चाँदनी रात है, मिल जाओ इस तरह की थकान उतार लूँ। तेरे होंठों की ख़ामोशियों को पढ़ूँ, तेरी साँसों में अपनी साँसें वार लूँ। तेरी धड़कन से अपनी धड़कन मिला, आज ख़ुद को तुझ पर निसार लूँ। तेरी बाँहों में कुछ पल ठहर जाऊँ, सारी दुनिया से ख़ुद को किनार लूँ। आज की रात फिर लौटकर आए न आए, आ तुझे अपनी यादों में शुमार लूँ। ✍️बेनी सागर
जो कहते थे के जाएंगे न छोड़ के तुझे हर हाल में, वही गए हैं छोड़कर मुझे बीच मंझधार में। क्यों गए दूर इतने, क्या मुझसे ख़ता हो गई थी, जाते-जाते बता जाते, क्या दूर होना ही एक सज़ा थी। सुलगती जलती रातें मिला है मुझे उपहार में, वहीं गए हैं छोड़कर मुझे बीच मंझधार में। बरसों से जो छुपा था, वो प्यार याद दिला गये, छण भर की खुशियों के बाद हमें अब रुला गये। ना जी सकूँ, न मर सकूँ, वो दर्द दिया है प्यार में, वहीं गए हैं छोड़कर मुझे बीच मंझधार में। दबाये प्यार सीने में जी रहे थे तो सब ठीक था, मिलकर बिछड़ने से तो न मिलते तो ही ठीक था। अब आँसुओं के सहारे जिंदगी चली है राह में, वहीं गए हैं छोड़कर मुझे बीच मंझधार में। ✍️बेनी सागर
तेरे दिल से मैं यह पनाह माँगता हूँ, दे जा मुझे मोहब्बत, यहीं गुनाह माँगता हूँ। देख लूँ मैं जी भरकर और करूँ प्यार मैं तुझे, सामने बैठे रहो मेरे यही दीदार-ए-महताब माँगता हूँ। डूब जाऊँ इन आँखों में, हो जाऊँ गुम कहीं, तेरी रोशन दो आँखों से, यहीं शराब माँगता हूँ। कोमल सी पंखुड़ियाँ मेरे लबों पे आ गिरे, तेरे सुर्ख होठों से, वो गुलाब माँगता हूँ। थाम लो मेरा दामन और बन जाओ मेरे हमराज, पढ़ी जाए दास्ताँ हमारी, वो किताब माँगता हूँ। ✍️बेनी सागर
जिंदगी की बस, यहीं फलसफा है, यहां हर शख्स हीं बेवफा है। ना पलो उम्मीदों को, हरगिज़ बढ़ाकर, यहां दम घोटता हीं वफ़ा है कोई जाए दिल तोड़, इसमें क्या हैरत है, यहां मोहब्बत करना हीं जफ़ा है। कोई आाये बनके हमदर्द, कोशिश ना करना, यहां ज़ख्म देने वाला हीं, खुद खफा है। पहले दिल तोड़ते है, फिर बिखेर देते हैं, यहां ताउम्र जीना हीं एक दफ़ा है। ✍️बेनी सागर
🌸जरा सोचिए🌸 जरा मौसम की अदा देखिए, जरा सोचिए और सदा देखिए। भर के आँखों में तुझे, ताउम्र गुज़ार लूँ, जरा आँखों की वफ़ा देखिए, जरा सोचिए और सदा देखिए। फूल ही फूल बिछाए हैं कदमों में तेरे, जरा मोहब्बत की शमां देखिए, जरा सोचिए और सदा देखिए। मुद्दतों बाद मिले हो, आओ ठहर जाओ, जरा दिल की रज़ा देखिए, जरा सोचिए और सदा देखिए। हो तुझे मुबारक़, तेरी मोहब्बत जो बख्शी, जरा दिल की दुआ देखिए, जरा सोचिए और सदा देखिए। ✍️बेनी सागर
feelings
Feelings
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser