ये पैसा है मेरे दोस्त....
इस चाहे जितना तोड़ो-मरोड़ो चलाओ वो चल जाएगा....
ये है पैसे की ताक़त...
और सच्चाई देखनी है तो किसी से पैसे मॉंग कर देखो...
उसके मना करने से पहले उसकी ऑंखें ही मना कर देती हैं....
आज की सच्चाई मात्रा पैसा कमाना है...
मैंने रिश्तो को बचाने में आधी ज़िंदगी लगा दी,
तब समझ में आया पैसा है तो रिश्ते बन जाते हैं
और नहीं है तो वही रिश्ते बिगड़ जाते हैं...।
अभिषेक चतुर्वेदी 'अभि'