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कभी सोचा है आपने
कविता
कभी सोचा है आपने,
आज हर कोई बीमार क्यूँ है?
शुगर, थायराइड तो नॉर्मल है,
बच्चे, बड़े सब इसकी चपेट में हैं।
जितने डॉक्टर, उससे सौ गुना मरीज,
क्योंकि आज सब जगह मिलावट है।
घी, दूध, आटा, दाल सभी अन्न
आज हुए जहर।
प्यार, भरोसा हुआ गायब,
हर रिश्ते में है स्वार्थ की मिलावट।
मीठा शुगर बढ़ाता है जैसे,
मीठा बोलने वाला जड़े काटता है वैसे।
कड़वी दवा, कड़वे लोग
फिर भी फायदा देते हैं।
अपने तो हमेशा दगा करते हैं,
दूसरों के दर्द पर हँसने वाले
कब किसी की सहायता करते हैं।
दूसरों की मौत पर वीडियो बनाने वाले,
अपने दुख पर दहाड़े मार आँसू बहाते हैं।
कैसा कलयुग है ये आज,
शुद्ध ना भाव है यहाँ,
शुद्ध ना हवा, पानी, अन्न।
शरीर की बीमारी की दवाई तो मिल भी जाए,
पर मानसिक रोगी जो खतरा है
इस जग के लिए।
उनका इलाज कैसे किया जाए,
कोई तो बताए, कोई तो बताए।
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