परा
से प्रार्थना
हे ईश्वर पार ब्रह्म
परमेश्वर जगजननी जगदम्बा इस
संसार में कोई किसी से घृणा न करें,
कोई किसी केे अधिकारों का हनन
न करे , किसी में कोई आभाव न
हो ,सब आनन्द से परिपूर्ण हो ,
सब प्रेम से परिपूर्ण हो ,सारा जगत
सुगंध से भरा सबकी चेतना जागृत
हो सभी आपकी भक्तिविलास से
परिपूर्ण हो सब द्वैत को पोषित
किन्तु चेतनता एकाग्र
और जाग्रत हो
- Ruchi Dixit