कुछ सजदे बिना चौखट के भी होते हैं,
मोहब्बत के मंदिर दिखाई कब देते हैं..!!
ये मेरी एक कहानी है मातृभारती हिंदी पर विधवा जरूर पढ़े ।
अगर आपके फोन में मातृभारती है तो अभी सर्च करे मेरा नाम writer Bhagwat Singh naruka ✍️
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