नन्ही सी जान
कविता
सीने के अंदर एक बच्चा है
जो हर वक्त भागते रहता है
इसे जब मैं रुकने के लिए कहती हूं
तो यह कहता है
मुझे हमेशा के लिए ही ठहर जाना है
मैं भागते हुए थक चुकी हूं
मुझे भी थम कर सांस लेना है
मगर मैं रुक जाऊं तो
तुम ठंडी पर जाओगे
दो इजाजत में थामती हूं
पर तुम मर जाओगी
सीने के अंदर एक बच्चा है
जो हर वक्त भागते रहता है
जब मैं फिर से उससे कहती हूं
तू ठहर नहीं सकती मान
तो क्या तुम अपने कदम धिमा थोड़ा कर सकते हो
क्या
तो उसने कहा हां मैं कर सकता हूं
मगर
मुझे थोड़ा प्यार चाहिए
तुम्हारा देखभाल चाहिए
तुम दे सकते हो क्या
जो तुम्हारे पास तुम्हारे लिए है ही नहीं है
उसका सौदा तुमने नन्ही सी जान के साथ कर सकती हो क्या
यह सुनकर मेरी आंखें भर आई
मैं उस नन्ही सी जान के सवालों के जवाब क्या दूं
जब मेरे पास उसे देने के लिए कुछ नहीं है
तो उससे धीरे चलने के लिए सौदा के आधार पे करूं
जब मेरे पास उसे देने के लिए कुछ भी नहीं है
तो मैं उससे और सवाल क्या करूं
अच्छी कविता तेज धड़कते हुए
दिल के बारे में है
उम्मीद करता हूं कि आप सबकोअच्छे लगे
अगर अच्छे लगे तो कमेंट में फीडबैक देना मत भूलिएगा
मैं आपकी प्रिय लेखक अभी निशा ❤️🦋💯