बर्फ जैसी सर्दि हो, आग जैसी गर्मी हो, या फिर हो
जड़ से उखाड़ दे ऐसी हवाओं के साथ गिरती बारिश, ये सब कई सालों तक सहेने के बाद फिर कहीं जाकर, पेड़ पर फल फूल लगते हैं,
क्योंकि...अच्छी फसल ऐसे ही नहीं खिलती,
ठीक उसी तरह
हर बुरे दिन, बुरे वक़्त से लड़ने के लिए
खुद को तैयार रखना पड़ता है,
पसंदीदा जिंदगी ऐसे ही नहीं मिलती. डटे रहेंना पड़ता है.
- Shailesh Joshi