आज विश्व गौरैया दिवस है । हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य शहरीकरण के कारण लुप्त हो रही गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों के प्रति जागरूकता फैलाना है। भारत की 'नेचर फॉरएवर सोसाइटी' और फ्रांस के इको-सिस एक्शन फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से 2010 में पहली बार विश्व गौरैया दिवस की शुरुआत की गई।
इस दिन को मनाने का मुख्य कारण लोगों को लुप्त हो रही गौरैया के प्रति सचेत करना है। गौरैया हमारी सबसे प्यारी घरों की साथी है और पर्यावरण की हितैषी भी।
गौरैया पर प्रस्तुत है मेरी कुछ पंक्तियां 🙏
गौरैया
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घरों की रौनक है गौरैया
हिल मिलकर रहती गौरैया
कद छोटा लगती प्यारी
चीं चीं कर प्रीत जगाती गौरैया।
चिड़िया
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चीं -चीं करती चिड़िया
दाना चुगती चिड़िया
फुदक -फुदक कर उड़ती
सबको भाती चिड़िया।
सब के घरों में जाती है
सबको अपना पाती है
तिनका चुन - चुन कर
अपना घर बनाती है।
भेदभाव वो जाने न
शत्रु किसी को माने न
हर आँगन उसका घर
बनती किसी की अनजाने न।
आभा दवे
मुंबई