जरूरी नहीं कि जो इंसान अच्छा दिखता हो अच्छा बोलता हो अच्छा लिखता हो या अच्छे परिवार से हो...
वो इंसान सच में अच्छा या सच्चा हो..
यहां सब अपने मतलब के लिए है..
कुछ लोग सहानुभूति पाने के लिए खुद को निराश दुखी दिखते है..
पर ज़िंदगी का हर तरह अच्छा बुरा वाला मजा ले रहे होते है..
कितनी ढोंगी लोग है