किसी भी मौसम में आज़मा लिजीए जनाब,
मोहब्बत के ज़ख्म सदा ही ताजा मिलेंगे।
हर एक धड़कन में एक दर्द छुपा होता है,
दिलो के राज गर खोजिए, तो राज ही मिलेंगे।
वफ़ा के नाम पर कितने ही अफसाने है,
मगर हकीकत में तो, आंसु ही ज्यादा मिलेंगे।
कभी तो सोचिए क्यों टुटा है आईना,
हर किरचे में अपने ही साये मिलेंगे।
मोहब्बत राह है कांटों से सजी हुई,
चलो तो सही मगर, जख्मों के गहने ही मिलेंगे।
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- Soni shakya