Gujarati Quote in Thought by Krish

Thought quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Gujarati daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

સમયના સથવારે ચાલવામાં ઘણીવાર બધું ગમતું મુકી દેવું પડે છે, દરેકના જીવનમાં કંઈક તો છુટે જ છે, પછી એ ગમતી વ્યક્તિ હોય કે ગમતી પ્રવૃતિ,ગમતું સ્થળ હોય કે ગમતી વસ્તુ. હરહંમેશ ભાગવાની એક એવી દોડ હોય છે કે એ કંઈક છુટતું આપણે ધ્યાન માં પણ નથી લેતા,એક એક નાની નાની આવી ક્ષણોથી જ તો જીવન બને છે. આપણે કોઈને જોઈએ અને એવું ફીલ થાય કે આમનું મોઢું તો હંમેશા ફુલાયેલું જ હોય છે તો એવું ના લાગે કે કેટકેટલું છુટયું હશે એમનાથી અને અજાણતાં જ આપણે પણ એ તરફની દોડ લગાવતા જ હોઈએ છીએ. કાંઈક બાહ્ય માટે હૈયાને મળતા હરખને અળખામણો કરી જ દઈએ છીએ. વધારે નહી પણ શાંતિથી બે ક્ષણ બેસીએ ત્યારે ખબર પડે ના ગમતું વિચારવામાં અને જરુર વગર દોડવામાં જીવવાનું તો બાકી જ રહી ગયું છે.

Gujarati Thought by Krish : 111743456
New bites

गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now