हा मैं ओर क्या कर सकता हु ???
बस युही तुजे याद कर सकता हु.....
पा तो नहीं सकता,
ओर खोभी तो नही सकता हूं.....
ऐसे जी भी नही सकता ....
ओर मर भी तो नही सकता हु....
जानता हूं, नही मिल सकता...
लेकिन इंतेजार तो कर सकता हु..
अपना तो नही बना सकता ....
लेकिन सिर्फ तुजे ही तो प्यार कर सकता हु....
चाहू तो आसमान जुका सकता हु.....
लेकिन तुजे छूने को जुक नही सकता हु.....