वो हवा जो तुझे छूकर गई मुझे छू जाए एक बार ।एक बार तेरी खुशबू मुजमे सिमट जाए ।एक बार तो अपने पल्लू से शहेला ।एक बार तो अपने रंग फेला ।एक बार फिर से दीवाना बना बस एक बार ।एक बार तेरे आंसू मेरी हथेली में थम जाए ।एक बार तेरी हसी से मेरा आंगन भर जाए ।एक बार तो अपना हाथ तो बढ़ा ।एक बार तो गले से लगा । छू लूं तुझे एक बार तो हो जाए रब का दीदार एक बार । तू है तो में हूं और तू है तो ही है यह जहान एक बार .....एक बार