कविता -हिंदी को संपर्क भाषा बनाते हैं
कवयित्री डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली
आओ एक संकल्प लेते हैं
हिंदी को सम्पर्क भाषा बनाते हैं
विश्व में सभी से हिंदी में बतियाते हैं
हिंदी की मिठास से, जग को मिलवाते हैं
गर्व करे अपनी भाषा पर हम
गर्व से बोले हिंदी और
हिंदी को वैश्विक भाषा बनाते हैं
बच्चों को संस्कार सिखाए हिंदी
अपनापन बढ़ाए हिंदी
आओ देवनागरी लिखना सिखाते हैं
रिश्तों का अटूट बंधन है हिंदी
बड़ों का सम्मान, छोटों का दुलार हिंदी
ऊर्जा का संचार है इसमें
ध्वनि नाद ब्रह्माण्ड का इसमें
आओ जन-जन तक हिंदी पहुंचाते हैं
छोड़ मतभेद भाषा के सारे
हिंदी को जनभाषा बनाते हैं
हिंदी को सम्पर्क भाषा बनाते हैं।
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली
vandna.reporter@gmail.com