गीत -ओ कान्हा, आया जन्मदिन तेरा
कवयित्री डॉ वंदना शर्मा
ओ कान्हा, आया जन्मदिन तेरा
फूल भी लाऊं, माखन भी लाऊं
सारे घर को सजाऊं, और
बता तुझे कैसे रिझाऊं
ओ कान्हा आया जन्मदिन तेरा
फल भी चढ़ाऊं, मेवा चढ़ाऊं
अपने मन के श्रद्धा सुमन भी
सब तुझे अर्पण कर दूं
और बता तुझे कैसे रिझाऊं
ओ कान्हा आया जन्मदिन तेरा
भजन मैं गाऊं, आरती गाऊं
सुबह शाम बस तेरा ही
नाम रटती जाऊं तुझे ही गाऊं
और बता तुझे कैसे रिझाऊं
ओ कान्हा आया जन्मदिन तेरा
सबकी बिगड़ी तू बनाता
सबको गले से लगाता
मेरी भी बिगड़ी बना दे
मुझको भी अपना बना ले
चरणों में थोड़ी सी जगह दे
और कहीं अब चैन न पाऊं
और बता तुझे कैसे रिझाऊं
ओ कान्हा आया जन्मदिन तेरा
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली
vandna.reporter@gmail.com