भोर सुनहरी, पावन श्वासें, तेरी ही करुणा की देन,
तेरी भक्ति में मन डोले, नाम जपे तो आए चैन।
सुख-दुख के हर चक्र में प्रभु, तुमने ही संबल दीन्हा,
अंधकार से खींच हमें, प्रकाश-मार्ग पर कर लीन्हा।
तन-मन-जीवन सब कुछ तेरा, तू ही माझी, तू ही मीत,
तेरी शरण में आकर गाऊँ, हृदय-भाव के पावन गीत।
मोह-माया से दूर रख प्रभु, चरणों का अनुराग मिले,
इस जीवन की नैया को प्रभु, तेरी कृपा का सहारा मिले।