थक गई हूँ मैं, मगर हौसला अभी बाकी है,
दिल उदास है, मगर एक आस अभी बाकी है।
वक़्त ने छीना बहुत, फिर भी यक़ीं बाकी है,
आज ख़ामोश हूँ, मगर मेरी उड़ान अभी बाकी है।
एक दिन ये अधूरे ख़्वाब भी मुकम्मल होंगे,
मैं थकी ज़रूर हूँ… मगर मेरी कहानी अभी बाकी है।
# Neha Banchhor