जितना समझे रहें
उतना भी आसान नही था
ये सफर कुछ दूर था
ये इतना भी पास नहीं था
बिक गया मेरा सब
इस सफर के किराये में
दूर के दूर रहे मगर
अब भी विश्वास वही था
की मिल जायेगी मंजिल
इरादा कर लिया था
कुछ देर बैठ के खुद से ही
वादा कर लिया था
Priya kashyap....✍️