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Das Vijay

Das Vijay

@dasvijuu


जिस कदर मुझे उसे देखने की तड़प होती है
ऐसा भी हो सकता है की
उसे बनाने के बाद जो मिट्टी बची
उससे मेरी आँखें बनाई गई हो,,,,!!!!!
क्योंकि जब भी ये आंखे उसे देखती है
दिल की धड़कने तेज सी हो जाती है,,
मुंह से शब्द बाहर आते आते रुक जाते है,,
पूरा शरीर कपकपा सा जाता है!!
काश ऐसा होता वो मिट्टी बचती ही नहीं,,,
कम से कम ये बेचैनी तो नहीं होती दिल में कहीं


- Das Vijay

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या तो मेरी सोच बदल
या मेरी फितरत बदल

या फिर ऐसा कर मेरी किस्मत बदल
मैं इतने में नहीं मानूंगा तू मेरा कर यकीन
में ख्वाब नहीं बदलूंगा तू हकीकत बदल
- Das Vijay

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मेरी अपनी कहानी

अगर कभी लिखूँ अपनी कहानी, तो पसीने से भीगे अरमान लिखूँगा। जो सपनों के लिए नींद छोड़ दी, उन रातों का हर इम्तिहान लिखूँगा।

हर ठोकर जो रास्ते में मिली,

उसे ही अपनी पहचान लिखूँ

जो हारकर भी रुका नहीं, उस हिम्मत का सम्मान लिखूँगा।

मैं शोर नहीं अपनी सफलता का, खामोशी में बना वो आसमान लिखूँगा। और जब पूछे दुनिया कैसे पहुँचा यहाँ, तो मेहनत को ही अपना नाम लिखूँगा।

जो अपने थे, वही दूर हो गए, कुछ अपनों ने ही जख्म दिए गहरे । फिर भी मुस्कुराकर मैंने चलना सीखा, हर दर्द को दिल के अंदर ही ठहरे ।

न कोई सहारा था, न कोई हाथ था, बस खुद पर था यकीन और विश्वास । अँधेरे रास्तों में भी ढूँदी मंज़िल अपनी, यही मेरी कहानी, यही मेरी प्यास ।

अगर कभी लिखूँ अपनी कहानी, तो संघर्षों को ही मैं पहचान लिखूँगा। जो टूटे थे, वही जुड़कर सवरे हैं, उन बिखरे लम्हों का गुमान लिखूँगा।


.......viijjuu......

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आना कभी उस घाट पर,,, दिखायेंगे हम तुम्हे जहा कभी हम बैठा करते थे ।।,,,

वो वहां का नजारा,,, वहां की शांति और पक्षियो ं की मधुर आवाजे

जरा देखना उस सूरज की किरन को

वो पानी में दिखता हुआ उसका बिंब

ऐसा लगता हे जैसे कोई किसी को पल भर के लिए निहार रहा हो,,, ।।।।

और देखना उस पंछी को जो इक पल में मछली को अपनी चोंच में भर ले गया

वो लहर जो तुम्हारे कदमों को छुए कभी महसूस करना उस पानी को

वो घाट ओर उसपर रखी वो कुर्सी कभी बैठो तो महसूस करना उस हवा के झोंके को

आना कभी उस घाट पर दिखाएंगे हम तुम्हे जहा कभी हम बैठा करते थे,,,,, ।।।।।।।

Das Vijju,,,,,,





मुझे मारने को तरस रही है दुनिया।
जैसे बादल भी ना बरसे,
वैसे बरस रही है दुनिया।

आजकल कल का भूला रात को घर आ जाए
भूला ही कहां जाता है।
आंख से आंसू आ जाए तो,
दुख दर्द बड़ा ही जाता है।
दुख दर्द मिटाने को कोई आगे ना आए
मुझको ही मिटाना सब का निशाना होता जाए।
मुझे मिटाने को तरस रही है दुनिया

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