Thank you so much
उन हर परिस्थितियों के लिए
जिसमें मेरा साथ देने की बजाय तुमने साथ छोड़ना ज्यादा जरूरी समझा।
जब में एक छोर से धागे सुलझा रही होती तुम हमेशा दूसरा छोर उलझा रहे होते।
Thank u so much
उन काल्पनिक परिस्थितियों को पैदा करने के लिए जो अस्तित्व में ही नहीं थी।
और उन सभी प्रयत्नों के लिए भी जो तुमने मुझसे दूर जाने के लिए किए।❤️🩹
Thank you so much
उन खामोशियों के लिए,
जिनमें मेरे सवाल हमेशा अकेले रह गए
और तुम्हारे जवाब कभी आए ही नहीं।
Thank you so much
उन अधूरे वादों के लिए,
जिन्होंने मुझे सिखाया
कि उम्मीदें भी कभी-कभी बोझ बन जाती हैं।
जब मैं हर बार टूटकर भी
रिश्ते को जोड़ने की कोशिश कर रही थी,
तुमने हर बार
उसे और बिखरने का एक नया कारण ढूंढ लिया।
Thank you so much
मुझे ये एहसास दिलाने के लिए
कि खुद को खोकर
किसी को पाना,
असल में खुद से दूर जाना होता है।
Thank you so much
उन रातों के लिए,
जिनमें मैं रोती रही…
और तुम बेखबर सोते रहे।
Thank you so much
उन लम्हों के लिए,
जिनमें मैंने तुम्हें चुना
और तुमने हर बार मुझे छोड़ना।
जब मुझे सिर्फ तुम्हारा साथ चाहिए था,
तुमने मुझे अकेले रहने की आदत सिखा दी…
शायद यही तुम्हारा सबसे सच्चा सबक था।
Thank you so much
मुझे कमजोर समझने के लिए,
क्योंकि आज जो मैं खड़ी हूँ—
वो तुम्हारी वजह से नहीं,
तुम्हारे बावजूद हूँ।
अब फर्क नहीं पड़ता
तुम क्यों गए, कैसे गए…
क्योंकि जो चला जाता है,
वो कभी अपना था ही नहीं।
और हाँ—
Thank you…
मुझे ये सिखाने के लिए
कि किसी और की मोहब्बत से ज्यादा जरूरी
खुद की इज़्ज़त होती है।
अब मैं ठीक हूँ…
तुम्हारे बिना नहीं,
तुमसे दूर होकर। ❤️🩹
और आखिर में—
Thank you…
मुझे मेरी ही कीमत समझाने के लिए,
क्योंकि अगर तुम साथ रहते,
तो शायद मैं खुद को कभी ढूंढ ही नहीं पाती। ❤️🩹