ईश्वर का यह स्वरूप तो देखो
सपनों को पूरा करते करते
अपनों को दूर करता जायेगा
नये नये लोगो के साथ जुड़ेगा
नये नये सपनों को जुड़ता जायेंगा
तुम बहुत अभिमान करते रहते थे उसे
धीरे धीरे किसी वजह से दूर करता जायेगा
मजबूर करेगा तुम्हें अकेलापन महसूस करने का
मंजूर करेगा की दुनिया में अकेले हो तूम अब
चलना है तुम्हें उस रास्ते पर जहाँ अकेले हो तुम
धीरे धीरे तुम्हें कोमल से पत्थर जायेगा
सिखे नहीं थे कभी नफ़रत करने का तरिका
इस कदर तुम्हें पटक पटककर सीखायेगा
नफ़रतो का सैलाब तुम्हारे बदन मे दौड़ायेगा
प्यार नफरत सूख दुख का सब अनुभव होगा
इस दुनिया में जब अनुभवों से पारंगत जब हो जाओगे
तब ईश्वर तुम्हें अनुभव के तौर पर अपने पास बुला लेगा