Hindi Quote in Poem by swati

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

( मुस्कुराती हो तुम जब अपनी पलकों को झुकाकर,
लगता है ये वक़्त ठहर गया किसी हसीन से पल को
देखकर )
​(क्या बताऊं मेरे लिए क्या हो तुम ? )
​किसी बर्फ से ढकी खूबसूरत पहाड़, तो किसी
नदियों में बहती धारा सी चंचल,
एक खूबसूरत कल्पित सपना
जिसका साक्षात्कार हो तुम,
​(मैं क्या बताऊं मेरे लिए क्या हो तुम? )
​फूलों की तरह नाजुक तो,
किसी डाली की तरह इठलाती हो (2)
मैं खोया रहता हूँ तुममें,
आखिर तुम क्या कर जाती हो??
मैं सुबह उठकर जो आकृति देखना चाहूं
वो आकृति हो तुम
मेरे जीवन का संगीत, संस्कृति, पूर्णिमा का चाँद हो तुम
​(मैं क्या ही बताऊं कि मेरे लिए क्या हो तुम?? )

​मैं चाहता हूँ तुम्हें सहेज कर रखना
पर किसी तितली सी उड़ जाती हो तुम
मैं चाहता हूँ तुम्हें प्यार से देखना
पर तुम किसी मोम की तरह जिसमें मैं पिघल जाता हूँ
मैं चाहता हूँ तुम्हें प्यार करना
पर तुम कुछ डर सी जाती हो
मैं सोचता हूँ तुम्हारी जबीं पर बोसा देने को
पर तुम कुछ घबरा सी जाती हो
​आखिर मैं क्या बताऊं तुम मुझमें क्या हलचल कर जाती
हो, क्या बताऊं तुम मुझ में वो प्यार का एहसास भर
जाती हो, क्या बताऊं मेरे सोने, खाने, पीने, यहाँ तक कि
ख्यालों में भी शामिल हो गई हो
मैं क्या बताऊं आखिर मेरे लिए तुम क्या हो गई हो.....

Hindi Poem by swati : 112030302
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now