आँखें हैं आईना मेरी , बस तेरा दीदार करती हैं
तू हैं मेरा ही फिर भी तुझे पाने की दुआ बार- बार करती हैं
तुझे चाहना हैं इश्क़ मेरा
मेरे सीने में धड़कता हुआ दिल हो चुका हैं अब तेरा
मैं चाहूँ तुझी - को यही एक चाहत हैं मेरी
हो जाये अगर तू हासिल तो ये नसीब की ताक़त हैं मेरी
आँखें हैं आईना मेरी बस तेरा दीदार करती हैं
तेरा इश्क़ मुझे हसायें , तेरा ही इश्क़ रुलाता भी हैं
शामिल हैं तू मुझमें ,तेरा हर एहसास मुझे बताता भी हैं
सब रस्मों - से , सब क़समों - से ऊपर हैं इश्क़ मेरा
माना हैं तुझे रब मैंने , करती हूँ फ़रियाद यही
तू रहे बनके मेरा जब तक दिल में धड़कन धड़के मेरी ।।