Hindi Quote in Thought by Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

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जहाँ तक मेरी सोच विचार है। या फिर कहे जो मैंन देखा है। तकनीकी दुनिया मे सब से पहले मैने देखा टेलीफोन दूरभाष भाषा सुनना जबाब देना । चिट्टी का इंतजार खत्म
फिर मैने हिसाब जोड़ने वाला बॉर्ड क्वकुलेटर ' जो दबाने पर जोड़ गुणा भाग घटाओ का हल देता था। दुकान दार उस का प्रयोग करता था । फिर मैने देखा टाइफ मशीन खटखट का पर्चा टाइफ करता था। स्टेनो पढाई का नाम दिया था। जज के नीचे वो बटन दबा कर ब्यां छापता रहता था। फिर मैने देखा कम्प्यूटर ' नौकरी पेशा व्यापार की लिखावट करता था। साथ मे पिन्टर । फिर आया बटन वाला मोबाइल किपेड़ वाला फिर आया स्क्रीन टच मोबाइल बड़े लोग बड़े शहरो मे कुछ ही लोगो के हाथो में देखने को मिलता था। जनाब फिर ऐसी हवा चली स्क्रीन
ट्च मोबाइल हर व्यक्ति की जरूरत बन गयी ' ।
खास कर जब कोरोना टाइम आया था। इस मे एक साल फिर बन्द कोरोना फिर आया कोरोन वायरस जिस समय मे हर घर स्कूल पढ़ाई-लिखाई चालू कर दी। कम्प्यूटर बदल गया लेपटॉप मे एक डायरी की तरह फिर न दिन न रात डाटा : _डाटा ही डाटा इस मे ऐप अनगिनत जो कि सच  जानती भी नही हूं । दुनिया बाहर कम मोबाइल मे ज्यादा नजर आने लगी। बस क्या था एक दूसरे की जिन्दगी मे झांकना व अपने बार मे झांसा करना ये शौक की तरत जॉक की तरह चिपक गया ।
अब मैने सुना है। Al (एआई ) का जमाना इसे जमाना कहेंगे तो हम किस जमाने मे जीये यह भी एक कम्प्युटर की तरह है। शायद मुझे लगता है। जो हमने फिट कर दिया वही लौट फिर कर सभी इंसानो को जबब देगा।
दिमाग इस का नही अपना काम आयेगा ' ।
परमात्मा ने जो जीव बनाया है। मानव नाम का ये बैठने को नर बनाया कर्म योगी बनाया है। कर्ता  क्रिया कर्म मिल कर कार्य पूरा होता है। जिसे करने वाला ह्म खुद है। न कि मशीन जरा सी तो शर्म करो प्रकृति को पहचानो इंसान इंसान से बोलने को तैयार नही है।
कागज - पेन्सिल की जगह जहाँ जाओ कम्प्यूटर मे ही फीड करते हैं । लिखा -पढ़ी एक वो जमाना था पीढ़ी दर पीढ़ी यादे व जरूरी कागज रखे जाते थे। संभाल कर डबल -  डबल कॉपी के साथ इसे देश की तरक्की कहते है। जो बच्चा ज्यादा समय पढ़ने सीखने प्रटिकली ज्ञान मे लगाता था । अब बैठ कर उठने को राजी नही है।
गेम बन गये है। दूसरे लोगो को लगा और फिर वीडियो बना कर मजाक बनाना ये मनोरंजन है। देख लो दुनिया हाथों मे मोबाइल होता कुछ लिमिटिड उपयोग के लिए लोग कितने बेवकूफ है। इसे ही मनोरंजन बना लिया पैसे चले गये लाइक करने पर सौ बात की स्क बात जरूरत के एय व उज्वल भविष्य की ही जानकारी सम्बन्धित चीजे हो तो ज्यादा बेहतर है आने वाली पीढ़ी के लिय चार दिन की चांदनी फिर अंधेरे मे भविष्य है।



- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

Hindi Thought by Nandini Agarwal Apne Kalam Sein : 112026439
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