जो होना हे और जो करने की ठानी है आपने
काल इसको समय की तराजू में तोलता है।
टोकता नहीं ,रोकता नहीं वो चारागर आपको
बस कहता है खुद के भगवान तो आप ही हो।
कोई समझता है और कोई समझाता हे आपको
बगल वाला सिर्फ चुनिंदा बनाता हैं आपको ।
दो होंठ,दो हाथ,दो आंख का जमाना हे दोस्त
दिल तो एक ही है,यही जान ना है आपको।
कोशिश मत करो उन चार लोगों को मनाने की
जो आखिर में सिर्फ दफनाने आएंगे आपको।