दूसरों के वक्त चुराने वाले
कविता
दूसरे से वक्त लेने वाले
दूसरों को वक्त देना सीखो
किसी और से उम्मीद रखने वाले
किसी और की उम्मीद पर डटकर खड़े रहना सीखो
बस शिकायत ना करो
दूसरों की शिकायते भी सुनो
बात-बात पे ना करने वाले
किसी और का ना सुना भी सीखो
किसी से प्यार चाहते हो तो प्यार दो
किसी से काम करवाना चाहते हो तो
उसके काम भी तुम कर दो
जिस चीजों की जरूरत तुम्हें है
सेम उसी चीज की जरूरत किसी और को भी है
यह समझो
अगर तुम्हारा कोई ख्याल रखना है तो
समझो कोई खुद से ज्यादा
अगर तुम्हें कोई इंपॉर्टेंट समझता है तो
समझो जो तुम्हारी हर बातों पर आहें हैं भरता है तो
समझो कोई अगर तुम्हारे फैसले का हमेशा समान करता है तो
समझो कि बदले में वह भी
तुमसे यही सब चाहता है
समझो कि उनका वक्त भी तुम्हारे तरह ही इंपॉर्टेंट हो सकता है
समझो कोई
खुद को खाली कर दिया तुम्हारे लिए तो
समझो तुम्हारे साथ होने से ज्यादा इंपोर्टेंट है
उनके लिए तुम्हारा साथ देना
दूसरों से उम्मीद रखने वालें
समझो कि तुमसे भी कोई उम्मीद रखता है
यूं हमेशा मुह ना मोर
गौर से जरा तुम उनकी भी बातें सुनो
जिसे जहां भर के किस्से तुम सुनाते रहते हो
उसका भी दिल है
जिसके अंदर उसकी ही टूटन पड़ी हुई है
उसे भी तुम जरा सुनो
जिसे तुम नरम दिल समझते हो
उसे अनदेखा करके पत्थर तो ना बनाओ
उनके घुटन को भी जरा महसूस करो
जिसके सर पर तुम अपने गम की सारे बुझ तोड़ते हो
जरा पास जोओ उनके
और सामने बैठो
और पूछ लो जरा उनके दिल की हाल
और अगर बताने लगे तो
2 मिनट बैठकर शांति से सुन लो
अगर ना बताएं भी तो
2 मिनट खामोश बैठ बिना कुछ कहे
साथ उनके साइद इतना ही काफी हो
उनके लिए
दूसरों के वक्त चुराने वाले
जरा अपना भी वक्त को खोर देखो
किसी और को अपनी कीमती वक्त देकर देखो
सबको जरूरत है प्यार की देखभाल की अपनेपन की
सबको जरूरत है तुम्हारा भी इंसानीपन की