कुछ ऐसी बातें,जो मैंने कभी समझ नह पाई
उन्होंने मुझे कभी किसी चीज के लिए रोका नहीं,टोका नहीं पर न जाने क्यों?
खुल कर कभी चल नहीं पाई
एक डर सा बना ही रह गया
मुझे किसी भी चीज को खरीदने या अपनी पसंद के लिए मनाही नहीं
पर पता नहीं क्यों??
बाजार में कुछ खरीद नहीं पाई
पसंद नहीं कर पाई
हर जगह उन्होंने मुझे ही आगे रखा
मेरी हर बातो को पलकों पर रखा गया
मेरी हर ज़िद को, बच्चों की तरह पूरी की गई
पर पता नहीं क्यों??
खुशी महसूस ही नहीं हुई
वो अकसर कहते हैं
तेरा जो मन करें वो किया करो
तुम आगे बढ़ो
मैं तेरे पीछे ही हूं
तुम्हें कभी गिरने नहीं दूंगा
बस तू खुल कर अपनी जिंदगी जिया करो
वो कहते रहे मुझसे, पर मैंने किया नहीं
उफ्फ्फ.... ये उलझने
बहुत सोचा मैंने अपने बारे में
फिर एक आवाज आई
रोक तो किसी चीज की नहीं
पर शायद इजाजत मैं खुद को कभी दी नहीं
🥰sarwat Fatmi🥰