माँ — हमारी पहली मोहब्बत
माँ हमारी पहली मोहब्बत होती है,
दुनिया से पहले जो हमारी आदत होती है।
जिसकी गोद में सुकून का जहाँ मिलता है,
जिसकी आवाज़ में ही सारा आसमाँ मिलता है।
जब चलना भी नहीं आता था हमें,
वो गिरने से पहले थाम लेती थी।
हम रो भी ना पाएं दर्द से पहले,
वो बिना कहे ही जान लेती थी।
उसकी दुआओं का साया सिर पे रहता है,
तभी तो हर मुश्किल भी हल्का लगता है।
उसकी हँसी में रब की रहमत दिखती है,
उसकी ममता में जन्नत बसती है।
माँ हमारी पहली मोहब्बत होती है,
और सच कहूँ —
आख़िरी तक वही सबसे सच्ची इबादत होती है। ❤️